ग्रामीण हाट मुझे शुरू से आकर्षित करते रहे हैं, इसलिए मेरे रास्ते में जो भी हाट या बाज़ार पड़ता है मैं ज़रूर वहाँ रुकता हूँ और वहाँ घूमता हूँ। कुछ हाट से खरीदता भी हूँ। आज मुझे भोथली का हाट देखने को मिला। आज भोथली में मड़ेई मेला भी चल रहा था, इसलिए बहुत गहमा गहमी था। एक तरफ जहां शाग सब्जियों का बाज़ार लगा था वहीं दूसरी ओर खाने पीने के होटल , गुमटी से लेकर कई दुकान आदि आकर्षण के केंद्र थे। यह बहुत छोटा बाज़ार है पर ताज़ी सब्जी देखकर अच्छा लगा। / फोटो : पुरुषोत्तम सिंह ठाकुर
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