छत्तीसगढ़ के कुछ शहरों के सड़कों में आज भी आप को बैलगाड़ी दिखाई देते हैं। ये ज्यादातर स्थानीय परिवहन का काम करते हैं। हम यहाँ पे धमतरी शहर के बैलगाड़ियों का नजार दिखा रहे हैं । बैलगाड़ी संघ का कहना है की पहले यहाँ 300 से ज्यादा बैलगाड़ी था जो अब घटके 150 से भी कम हो चुका है और यह लगातार हो रहा है। धमतरी शहर में ही तकरीबन 100 धान के मिल हैं जहां पर स्थानीय स्तर पर परिवहन का काम इन्हीं बैलगाड़ियों से होती है। अब लेकिन नई पीढ़ी इस काम को अपनाना नहीं चाहती सिर्फ वही लोग इस काम में आरहे हैं जिनके पास और कोई विकल्प नहीं है। / फोटो : पुरुषोत्तम सिंह ठाकुर













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