शनिवार, 14 जनवरी 2017

पता नहीं क्यूँ गिल्टी/ग्लानी महसूस करता हूँ,

जब फ्लाइट में सफ़र कर रहा होता हूँ तब
ज़मीन पे शानदार गाडियों पे भी चलने वालों को भी देखकर
पता नहीं क्यूँ
गिल्टी/ग्लानी महसूस करता हूँ,
और जब ज़मीन पे मैं कार चला रहा होता हूँ तो
बाईक से जाने वाले लोगों को देखकर
पता नहीं क्यों
गिल्टी/ ग्लानी महसुस करता हूँ,
जब बाइक चला रहा होता हूँ तो
साइकिल पे आने जाने वालों को देखकर
पता नहीं क्यूँ
ग्लानी महसूस करता हूँ,
और जब साइकिल चला रहा होता हूँ तब
पैदल चलने वाले लोगों को देखकर
ग्लानी महसूस करता हूँ.....
उसी तरह
जब मैं फ्लैट में रहता हूँ तो
उन झुग्गिओं को देखकर
ग्लानी महसूस करता हूँ,
जब घर में भर पेट खाना खा रहा होता हूँ तो
उन भूखे लोगों के बारे में सोच कर
ग्लानी महसूस करता हूँ
और सोचता हूँ पता नहीं
इस देश में अम्बानी भी रहते हैं
और अम्बानी जैसे गिने चुने
और मुट्ठीभर लोग रहते हैं
उन्हें इस देश की जनता को देख कर
कभी ग्लानी होती भी होगी ???





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